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Saturday, May 4, 2019

प्रभु पंख मुझको देना..



प्रभु पंख मुझको देना
परवाज मुझको देना
मैं उड़ सकूँ गगन में
आशीष मुझको देना

चंदा के साथ खेलूँ
तारों से चाहूँ मिलना
छू लूंगा आसमान मैं
तुम साथ मेरा देना

जब जब गिरूंँ मैं तब तब
मेरा हौसला बढ़ाना.
डरकर मैं सहमूंँ जब भी
मुझको गले लगाना

भरो भक्तिभाव मन में
चरणों में स्थान देना
करूँ जब भी मैं चढ़ाई
तुम ही निसेनी बनना

प्रभु पंख मुझको देना
परवाज मुझको देना 

Sunday, February 10, 2019

हे मातु शारदे... (गेय वंदना)


हे मातु शारदे....

तव चरणन में वंदन मेरा
हे मातु शारदे वर दे.. वर दे..

हे श्वेतांबरा, हे पद्मासिनी ,
उर-अन्तर मेरा प्रीत से भर दे..

हे वागीश्वरी, हे वीणा वादिनी
जिव्हा को मधुरिम स्वर दे..

हे मृगनयनी, पावन करणी
सद्गुण शाली इह जग कर दे..

हे हंसारूढ़ी, हे बुद्धिदायिनी,
ज्ञानचक्षु प्रकाशित कर दे...

हे धवलवर्णा, हे चंद्रवदिनी
कर तिमिर दूर,अभय वर दे...

हे विशालाक्षी, हे शतरूपा
दे आशीष, मेरा जीवन तर दे...

सुधा सिंह 📝

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