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Monday, June 1, 2020

भारत में टिड्डी हमला

भारत में टिड्डी हमला...... पर क्या हम इसके लिए तैयार हैं ????

क ओर से  चीन हमें आँखें  दिखा रहा है तो दूसरी ओर नेपाल भी नए तेवर में नजर आ रहा है।कोरोना, अम्फान, भूकंप, जैसी विपदाएँ क्या कम थी जो टिड्डियाँ भी अपना विनाशकारी रूप ले भारत पर चढ़ाई कर बैठी हैं। 
पिछले कई महीनों से कोरोना वायरस से जूझ रहे भारत के लिए टिड्डियों ने बैठे बिठाए एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। कई प्रदेशों में टिड्डी दल ने किसानों से लेकर आम जनता को भी परेशान करना शुरू कर दिया है।

टिड्डे (locust/grasshopper) लघु श्रृंगीय टिड्डे प्रवासी कीट होते हैं। जिनकी उड़ान दो हजार मील तक होती है। जब वे अकेले होते हैं तो वे हानिरहित होते हैं, लेकिन जब उनकी आबादी बढ़ जाती है तो वे विनाशकारी हो जाते हैं और फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाते हैं। भारत में 1964-1997 के दौरान 13 बार टिड्डों के हमले का सामना किया गया है। भारत में जोधपुर में टिड्डी चेतावनी संगठन है।

अतीत में, भारत में टिड्डी हमले खरीफ के मौसम के दौरान जून से नवंबर तक देखे गए हैं। हालांकि इस साल शुरुआती बारिश के कारण हमला जल्दी हुआ। वर्षा में वृद्धि टिड्डियों को प्रजनन भूमि प्रदान करती है। हिंद महासागर का द्विध्रुवीय(Indian ocean dipole) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सकारात्मक आईओडी (Iod)भारत और पूर्वी अफ्रीकी क्षेत्र जैसे सूडान में उच्च वर्षा का कारण बनता है।

झांसी मंडल के उप कृषि निदेशक के अनुसार यह टिड्डी दल ईरान में पैदा हुआ, जो पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुँचा है।लॉक डाउन में मानव गतिविधियाँ कम हो जाने के कारण टिड्डियों की संख्या अब अरबों में पहुँच गई है।

टिड्डे के दल ने पश्चिमी भारत में पाकिस्तान से प्रवेश किया और राजस्थान, हरियाणा पंजाब मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश पर हमला किया।अभी जुलाई तक राजस्थान में टिड्डी दलों के कई हमले जारी रहने की आशंका जताई जा रही है।वे उत्तर भारत के अलावा बिहार और उड़ीसा भी पहुँच सकते हैं।
टिड्डियों का उपद्रव शुरू हो जाने के बाद  उन्हें नियंत्रित करना कठिन हो जाता है। इसपर नियंत्रण पाने के लिए हवाई जहाज से विषैली ओषधियों का छिड़काव, विषैले चारे में भीगी हुई गेहूँ की भूसी का फैलाव इत्यादि, उपयोगी होता है।
हालांकि सरकार ने किसानों को इन टिड्डियों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कीटनाशकों का उपयोग करने के लिए कहा है।

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